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Kumar Vinod

Romance Fantasy Inspirational

4  

Kumar Vinod

Romance Fantasy Inspirational

होली स्पेशल

होली स्पेशल

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तेरे होंठों की लाली मेरे तन पर लग जाये, 

कसम से फिर एक बार मेरी होली मन जाये। 


मेरे छूने से और भी तंग तेरी चोली हो जाये, 

कसम से फिर एक बार मेरी होली मन जाये। 


छू कर मेरे मन को ये क्या एहसान कर दिया तूने, 

जी करता है अब तुझको मेरी भी सारी उम्र लग जाये। 


तेरी नादानियां, अटखेलियाँ अब मुझे लुभाने लगी हैं, 

अब आ भी जा कि फिर एक दूजे की प्रीत में रंग जाएं। 


भिगोकर चोली तेरी मेरी भी नीयत सँवर जाये, 

एक मौका दे कि हम दोनों मोहब्बत की मिसाल नज़र आयें। 


मुझको तुझमें, तुझको मुझमें एक दूजे का खुदा नज़र आये, 

करें हम ऐसा कि एक दूजे के अक्स में लिपट जाएं। 


तेरे होंठों की लाली मेरे तन पर लग जाये, 

कसम से फिर एक बार मेरी होली मन जाये।



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