Kumar Vinod
Drama Tragedy
चंद आँसुओं से धुल नहीं सकती नाराज़गी मेरी,
तेरी पलकें धुल सकती हैं तेरे गुनाह नहीं।
जब तक ना होगा मेरे इक-२ ज़ख्म का हिसाब,
मेरी रहमतों में मिलने वाली तुझको पनाह नहीं।
होली स्पेशल
रंग-ए-उल्फत
तेरा नशा और ह...
True Intentio...
सादगी
मौसम और तुम
कामयाबी
नाराज़गी
गणतंत्र दिवस
पहली मुलाक़ात
वक्त के साथ साथ जख्म भी सुख गए हैं अब मत छेड़ो उन्हें, दर्द होता है। वक्त के साथ साथ जख्म भी सुख गए हैं अब मत छेड़ो उन्हें, दर्द होता है।
तुम तो संभल जाओगे मैं न कहती थी, तुम भी बदल जाओगे ! तुम तो संभल जाओगे मैं न कहती थी, तुम भी बदल जाओगे !
और फिर उनको अपनी चादर से कफन दिया। और फिर उनको अपनी चादर से कफन दिया।
सहने की क्षमता ही कम हो, काश समय पहले सा आए, रिश्तो में अपनापन हो…. सहने की क्षमता ही कम हो, काश समय पहले सा आए, रिश्तो में अपनापन हो….
आज मैं तुझसे हुई मोहब्बत की हर वो बात लिखूं। आज मैं तुझसे हुई मोहब्बत की हर वो बात लिखूं।
कर लो ख़ुद को इतना पक्का, गम को हर सह जाना तुम कर लो ख़ुद को इतना पक्का, गम को हर सह जाना तुम
चलते रहे लिखने के सिलसिले कलम न रुके कभी पढ़ते रहे मेरी कविता सभी। चलते रहे लिखने के सिलसिले कलम न रुके कभी पढ़ते रहे मेरी कविता सभी।
रास्ते के मुसाफिर हैं कभी यहां तो कभी वहां खोए हुए सितारे हैं। रास्ते के मुसाफिर हैं कभी यहां तो कभी वहां खोए हुए सितारे हैं।
जो कहना था वो कहचुकी हूं, अब फैसला सब तुझपे हैं, तू भी कह दे जो तेरे दिल में हैं। जो कहना था वो कहचुकी हूं, अब फैसला सब तुझपे हैं, तू भी कह दे जो तेरे दिल म...
नैन तीव्र नहीं आयु भी ज्यादा रही नहीं, आयु अर्धशतक से अतुलित हो गयी अभिलाषा पूरी नैन तीव्र नहीं आयु भी ज्यादा रही नहीं, आयु अर्धशतक से अतुलित हो गयी ...
प्रेम खोजने मत और उलझो, अंतस में ही दर्शन करो।। प्रेम खोजने मत और उलझो, अंतस में ही दर्शन करो।।
तुम्हें मैं कह नहीं पाऊं, मुझे कितना सताती है तुम्हें मैं कह नहीं पाऊं, मुझे कितना सताती है
कंगन की खन खन में हो खुशियों की धुन कंगन की खन खन में हो खुशियों की धुन
सावन के पदचिन्हों पर चल जो आये हो, फिर एक बार ! सावन के पदचिन्हों पर चल जो आये हो, फिर एक बार !
तुम्हारी व्यथा से अनजान नहीं, बस तुम्हें समझाने से डरता हूँ। तुम्हारी व्यथा से अनजान नहीं, बस तुम्हें समझाने से डरता हूँ।
सर्दी की पहली बारिश शायद बरसने को तैयार थी। सर्दी की पहली बारिश शायद बरसने को तैयार थी।
दोबारा दिल करा ही नहीं मुखड़े के दीदार का, उन जुल्फों का आँचल हटा के।... दोबारा दिल करा ही नहीं मुखड़े के दीदार का, उन जुल्फों का आँचल हटा के।...
फिर जीवन मे स्थिरता हो न हो मन मे ज़रूर रहती है सदा के लिए। फिर जीवन मे स्थिरता हो न हो मन मे ज़रूर रहती है सदा के लिए।
खुशियों को ढूंढने निकली, खुशियों की दुनिया में पर कांटे ही चुभ गए, खुशियों को ढूंढने निकली, खुशियों की दुनिया में पर कांटे ही चुभ गए,
स्वर्णिम लम्हों की यादों के साथ संग रहता है प्रतिपल ... स्वर्णिम लम्हों की यादों के साथ संग रहता है प्रतिपल ...