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Nir Delhi

Drama Romance

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Nir Delhi

Drama Romance

हिचकी

हिचकी

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तुम्हें प्यार नहीं करती

सच बोल रही हो

मेरी हिचकी तो

कुछ और बोल रही है।


सुनो, नजरें ना फेरो

नजरें सच बोल रही हैं

पानी पी रहा हूँ

हिचकी नहीं जा रही है।


आँखों में नमी खुशी की

या दुख की आ रही है

तुम्हारी नजरें कुछ और

बोल रही हैं।


कोई बात है जो

तुम मुझसे छुपा रही हो

मेरे मासूम दिल

तेरी मासूमियत

सब बता रही है।


दिल में मत रख

दिल जल रहा है

तपन मुझे महसूस हो रही

मेरा दिल जो तेरे

सीने में धड़क रहा है।


कुछ लफ्जों को सच के

लिए हिला दे मेरे यार

दिल कस बोझ मुझे

सुना दे मेरे यार।


इन हिचकियों का

इलाज कर दे मेरे यार।।


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