STORYMIRROR

Rajit ram Ranjan

Tragedy

4  

Rajit ram Ranjan

Tragedy

एक दिल को तोड़कर

एक दिल को तोड़कर

1 min
418

हमसफ़र का वादा करके,

सफ़र में ही छोड़ रहें हैं लोग,

एक दिल को तोड़कर...

एक दिल को जोड़ रहें हैं लोग...!


मतलबी जमाना,मतलब के रिश्ते-नाते,

नफ़रत भरी हैं दिलों में,

फ़िर भी मोहब्बत हैं सब निभाते,

चेहरों पे चेहरा लगाये,

घूम रहें हैं लोग,

हमसफ़र का वादा करके,

सफ़र में ही छोड़ रहें हैं लोग,

एक दिल को तोड़कर...

एक दिल को जोड़ रहें हैं लोग...!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy