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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Tragedy

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Tragedy

जो मैं कर न सका

जो मैं कर न सका

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नहीं सो पाया

मैं उस रात

जिस रात

तुम्हारा कॉल

आया था

और तुमने

एक शब्द

बोला था


आज के बाद मै

दुबारा नहीं

मिल पाऊंगी

अलविदा

इतना सुनते हीं

मेरे पैरों तले की

जमीन हीं खिसक

गई थी और मैं

यादों में खो गया था


तुम्हारे और

अपने प्रेम के

अतीत में

चला गया था

यही अतीत

अब मेरे जीने का

सहारा है


हम ये जानते है

मुझसे अच्छा

कोई मिल गया होगा

तुम्हारा साथ वो

अच्छे से निभाएगा

वो तुम्हें सपनो के

शहर में घुमाएंगा


यूं लेकर चल पड़ेगा

तुम्हारे खुशी के खातिर

तुम जहां कहोंगी वहां पर

मैं जहां घुमा ना सका

तुम्हें सितारों के जहां में

लेकर जाएगा


जो मैं न कर सका

वो करेगा वो

तुम्हें बहुत दूर

दूर बहुत दूर ले जाएगा

जहां तुम्हें

असीम खुशी मिल सके।


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