STORYMIRROR

Garima Maurya

Romance Fantasy

3  

Garima Maurya

Romance Fantasy

दूरियां

दूरियां

1 min
297

दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी मालूम ना थाI

वो बाबू से बेवफा बन जाएंगे मालूम ना थाI

हम उनके लिए पागल हो जाएंगे मालूम ना थाI

जो अपना चेहरा हमारी आँखों में देखते थेI

वो आईना बदल लेंगे मालूम ना थाI

ऐसे बरसेगी उसकी यादें सन्नाटे में मालूम ना थाI

दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी मालूम ना थ I"


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance