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Kishan Negi

Romance Fantasy Thriller


4.0  

Kishan Negi

Romance Fantasy Thriller


दिल तुमको चाहने लगा है

दिल तुमको चाहने लगा है

1 min 192 1 min 192

वक्त जो गुजर गया उस पर चिंतन करो 

अब उन्हें अप्रासंगिक हो जाने दो 

जो रंग तुम्हारे दिल को भाता है 

आज मुझे भी उसी रंग में रंग जाने दो 

तुमको स्पर्श करने से पहले ही 

तुम्हारे आकर्षण का पागलपन 

मुझे कंपा देता है, सहम जाता हूँ 

बेकरार अहसासों का कंपन

मेरे कानों में गूंजता है 


तुम्हारे साँसों की मादक ख़ुशबू 

मुझे किसी का का दीवाना बना देती है 

पास तुम्हारे आते ही, तुम्हारी धड़कनों की

रफ़्तार बेकाबू हो जाती है 

इन नयनों की मधुशाला अक्सर करती हैं मजबूर 

प्यार की हदों स निकलने को 

मेरा पागलपन है या दीवानापन कि 

पहले से अधिक चाहने लगा हूँ तुमको 

रात सोने से पहले, ख्यालों में मेरे आना 

तुम्हारे ही ख़्याल तैरते नज़र आएंगे

सिर्फ एक बार कह दो कि 

रात जब आऊंगा चोर बनकर 

खिड़की के पट खोलकर रखोगी 



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