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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

दिल में रहेना होगा

दिल में रहेना होगा

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नज़र से ईशारा करता हूं मै, 

तूं हमेशा मुंह मोड़ लेती है, 

मै ईन्तज़ार करुंगा तेरा सनम, 

तूं कब तब मुझसे दूर रहेगी?


भले ही तूं मुझसे छूपती रहे,

या तो मुख पर तूं नकाब रखें,

यही मै सोचता रहेता हूं सनम, 

खूदा की कयामत जरुर होगी। 


मै भी खामोश अब रहे गया हूं,

तेरा सब्र अजमाता रहेता हूं,

देखता रहुंगा मै तुझको सनम, 

तूं मेरे लिये हरपल तड़पेगी। 


एक न एक दिन सनम तुझको,

मेरी बांहों में तुझे सिमटना होगा,

दिल के दरवाजे खुले है "मुरली",

तुझे उम्र भर दिल में रहेना होगा।


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