STORYMIRROR

Kishan Negi

Romance

4  

Kishan Negi

Romance

दिल चुराने वाली

दिल चुराने वाली

1 min
252

दिल तो तूने चुरा लिया मगर मुझे 

दिल लगाने की कला नहीं आती 

सुना है दिल से चाहने वालों पर

यहाँ कभी कोई बला नहीं आती 


दिल्लगी का मौसम आ गया है 

कल हसीन मुलाकातें भी होंगी 

चाँद और सितारों की छाँव तले

मोहब्बत की रंगीन रातें भी होंगी 


कभी तू कहेगी कभी मैं सुनूंगा 

कभी मैं कहूंगा कभी तू सुनेगी 

रिश्तों की मखमली चादर पर 

तू फिर इक नया ख़्वाब बुनेगी 


ये मस्त बहारें, ये मादक हवाएं

पल-पल हमारा ही ज़िक्र करेंगी 

दिल जब भी होंगे मायूस हमारे 

ये वादियां हमारी फ़िक्र करेंगी 


इश्क़ का महकता पुष्प बनकर 

तेरे नयनों में खिलना चाहता हूँ 

यहाँ सब्र का बाँध टूटा जाता है 

अविलंब तुझसे मिलना चाहता हूँ



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance