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Sheela Sharma

Tragedy


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Sheela Sharma

Tragedy


देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान

1 min 166 1 min 166

देख तेरे संसार में कैसी हवा चली लहराने

डाली डाली लगी टूटने पत्ता लगा झड़ने


बचपन जवान होने से अब डरने लगा

फूल खिलता नहीं डाल में ही मरने लगा 

कलियां कलियां सहम गई लगी मुरझाने


उस जमाने में कभी आंधियां भी चलती

तेज झोंको से दरोंदर को हिला देती 

फिर नया जोश, भर जाती थीं परिंदों में

आज क्यों आग लगाती हैं आशियाने 

 

कैसी ये आजादी न पायल न चूड़ियों

की खनक 

हर सहमी हुई निगाह में बढ़ रही दहशत 

अश्क सब सूख गये टीस बन लगे रिसाने


 रात झींगुर का, ना वो गूंज बस सन्नाटा है

 भोर सूरज के साथ पंछी, का ना वो चहचहाहट

 आह!!कितनी जहरीली फिजा लगी गहराने


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