Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Sheela Sharma

Romance

3.4  

Sheela Sharma

Romance

चांद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे हुस्न की बात चली तो

चांद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे हुस्न की बात चली तो

1 min
265


रुख से उसने हटाए

 अपने गेसू प्यार से

चांदनी शरमा गई 

शबे रात ले चांद आ गया 


आंखों की गहराई को 

सागर ने नापा जब कभी

 अध खिले लव पर

 शबनम सी हंसी छा गई

नीला था नील गगन

 नीलकमल गश खा गया


 रुखसार की क्या लालिमा

 हो लाल सूरज ढल गया

 गोद ले सूरज को दरिया

 दूर तक हंसता गया

 क्या हुआ कुदरत करिश्मा 

होश अपने खो गया

 

ये ख्वाबों का तसव्वुर 

ये सपनों की सरजमी 

गर बस गई फिजा यहां 

तो ये किसका है कसूर 

फैली जब आतिशे जिगर 

हर लम्हा बहकता गया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance