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GOVIND RAKESH

Romance

4.4  

GOVIND RAKESH

Romance

चले आइये

चले आइये

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दिल में हलचल मची है चले आइये

आप की ही कमी है चले आइये।


आप की ही बहुत है ज़रूरत मुझे

मेरी मुश्किल अभी है चले आइये।


सारा दिन आपका मुंतजिर मैं रहा

रात यूँ ही  कटी है चले आइये।


आप मुझ से ख़फ़ा हैं ये लगता मुझे

दिल की घडकन बढ़ी है चले आइये।


आपकी भी नज़र में तो इसरास था

आरज़ू  मेरी  भी यही है चले आइये।



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