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Simmi Negi

Tragedy

4.5  

Simmi Negi

Tragedy

बर्ताव की स्याही ~simmi negi

बर्ताव की स्याही ~simmi negi

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बर्ताव सबके याद है मुझे 
कौन कब कैसे बदला था 
कौन हंसकर जख्म दे गया 
कौन रो कर अपना बता गया 
साथ रहने को माफी न समझना 
मैंने सीख लिया है अब 
चेहरे पर मुस्कान रखना 
और दिल से हिसाब रखना 
कुछ लोग मिलते हैं सहारा बन कर 
उजाड़ कर चले जाते हैं तूफान बन कर 
कुछ दुआ बनकर आते हैं 
बिना कहे संभाल जाते हैं 
मैं नफरत नहीं करती अब किसी से 
बस फर्क समझ गई हूं 
कौन अपना था कौन पराया 
और कौन बस वक्त गुजार गया 


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