घमंड नहीं खामोशी है
घमंड नहीं खामोशी है
मेरी खामोशी को मेरा घमंड न समझना
मेरी चुप्पी को मेरी बेवकूफी न समझना
वक्त को नोच कर जाऊंगी मैं
खामोशी से गुजर जाऊंंगी मैं
क्योंकि हमें समझना तुम्हारे बस में नहीं
तुम्हें बयान करना हमारे बस में नहीं
इतना आसान नहीं है मुझको पढ़ पाना
मैं वो किताब हूं जिसके हर पन्ने पर दर्द है
अपने आंसुओं को मैंने छोटी कविता में समाया
अपनी खामोशी को मैंने एक मुस्कान में बताया
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