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Amit Singhal "Aseemit"

Drama Classics Inspirational

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Amit Singhal "Aseemit"

Drama Classics Inspirational

भारत की सांस्कृतिक विरासत

भारत की सांस्कृतिक विरासत

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हम भारत की सांस्कृतिक विरासत का खूब बखान करेंगे।

इसकी आज सम्मान, गौरव, हर्ष और उल्लास से शान कहेंगे।


शान है भारत के हर खाने, नृत्य, संगीत, धर्म ग्रंथों की।

वेद पुराणों, वेशभूषा, त्योहार, शिल्प, प्रमुख स्थलों की।


गौरव गाथा विशाल है जो बतलाई न जा सके शब्दों में।

अतिथि देवो भव की रीत है यहां, प्रेमरस बहे शब्दों में।


हमारे वेद, पुराण, रामायण, महाभारत, गीता और ग्रंथ।

इतने असीमित और अनगिनत जिनका कोई नहीं अंत।


यहां के स्वादिष्ट व्यंजनों की दुनिया भर में मिलती नहीं मिसाल।

छोले भटूरे, टिक्की, मक्के की रोटी, सरसों का साग, भात, दाल।


चूरमा, इडली, डोसा, सांभर, ढोकला, दम आलू, शाही पनीर, नान, रबड़ी।

रसमलाई, जलेबी, रसगुल्लों के आगे कुछ नहीं चीज़ बड़ी से बड़ी।


वीणा, संतूर, सरोद, मृदंग, तबला, नगाड़ा, ढोलक, घंटी बांसुरी, शहनाई।

इनकी लय ताल पर नाच उठा पूरा संसार जब ये सब हैं हमने बजाईं।


भारत की साड़ी, सलवार कमीज़, घाघरा चोली, कुर्ता पजामा, लुंगी, धोती।

इन सब हिंदुस्तानी पहनावों के आगे कोई भी कीमती वेशभूषा कुछ नहीं होती।


कथक, कुचीपुड़ी, भरत नाट्यम, भांगड़ा, गरबा, बिहू,

डांडिया, कथकली।

ये सब नृत्य देखकर पूरे संसार के लोगों के दिलों की खिलती है कली।


होली, दीवाली, दशहरा, पोंगल, गणेश चतुर्थी, गुरु पूर्णिमा, गोवर्धन पूजा।

पूरे संसार में भारत में ही इतने सारे पर्व त्योहार मनाते, कोई स्थान नहीं दूजा।


ताज महल, इंडिया गेट, गेट वे ऑफ इंडिया, लाल किला, कुतुब मीनार।

दूर दूर से आते हैं सैलानी यहां, करने इन सब का दीदार।


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