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Samadhan Navale

Romance Tragedy

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Samadhan Navale

Romance Tragedy

बेवफा

बेवफा

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जिंदगी भी है मुझसे खफा

मिली थी मुझे भी एक बेवफा।।

निंद चुराई उसने धीरे धीरे मेरी 

फिर की चुपके से इस दिल की चोरी,

अब एक पल भी चैन आए ना

दिल तो ये पागल है, ये माने ना,

अब 'वो' ना वो है, और हम ना हम

नहीं गयी जान अब तो, इतना है गम

इतने में ही खतम हो गया प्यार का फलसफा

मिली थी मुझे भी एक बेवफा।।


देखकर उसका बदन लचीला

अंग अंग में भड़का शोला,

हुस्न हो जैसे आग का गोला

फंस गया बेचारा मैं भोला भाला,

हो गया पागल उसके प्यार में

खो गया दिल उसके दीदार में,

लेकिन नहीं उसे जँची मेरी वफा

मिली थी मुझे भी एक बेवफा।।

दोष नहीं किसी और का है

दोष तो इस दिल पागल का है,

होना ही था ऐसा....सो हो गया

पागल होने से तो मैं बच गया,

यारों ना पड़ो इस 'प्यार' में

चाहो जान दे दो तुम जंग में,

प्यार में अच्छे अच्छों ने दिया ..

अपनी जान से इस्तीफा

मिली थी मुझे भी एक बेवफा।।

जिंदगी भी है मुझसे खफा

मिली थी मुझे भी एक बेवफा।।


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