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Indu Tiwarii

Tragedy

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Indu Tiwarii

Tragedy

बेवफ़ा ज़िन्दगी

बेवफ़ा ज़िन्दगी

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ज़िन्दगी तू तो बेवफ़ा निकली

सँवारा था, सजाया था,

जिसे बड़े शौक से हमने

अरे ये क्या हुआ,


वो तो बड़ी बेहया निकली

टूटे सपनों के महल

काली रात आ गयी


अरी पूर्णिमा,

तू तो अमावस्या निकली

ज़िन्दगी तू तो बेवफा निकली।


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