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बेटी जन्म लेती है जहाँ

बेटी जन्म लेती है जहाँ

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बढ़ती है जहाँ

पढ़ती है जहाँ

फिर भी क्यूँ होती है परायी

बेटी जन्म लेती है जहाँ।


खेलती है जहाँ

खिलखिलाती है जहाँ

फिर भी क्यूँ होती है जिम्मेदारी

बेटी जन्म लेती है जहाँ।


हँसती है जहाँ

रोती है जहाँ

फिर भी क्यों होती है बेगानी

बेटी जन्म लेती है जहाँ।


सजती है जहाँ

घर सजाती है जहाँ

फिर भी क्यों होती है मेहमान

बेटी जन्म लेती है जहाँ।


टूटे खिलौने सी बेटी

आधी इधर,आधी उधर बँटती है बेटी

सपने छोड़ देती है वहाँ

बेटी जन्म लेती है जहाँ।


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