अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा
Tragedy
उजड़ जैइयै जब चमन तुम्हारो,
तबहिं याद अईयै दामन हमारो।
कहां लै चलैगो तू कश्ती हमारी,
आगाज़ है अबतौ हस्ती हमारी।
कुछ देर बैठ गया मुंडेर तेरी,
समझ गया क्या चाल तेरी।
अब और न कर तू लतीफी,
बदल गया जिया शाख तेरी।
इत्तफाक जिंदग...
कान्हा
सर्द हवाएं
कभी ख़ुश तो कभ...
मेरा ग़म
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर ।
जो मिले थे गुल कहीं खिले, वो स्वप्न सब धूल में मिले। जो मिले थे गुल कहीं खिले, वो स्वप्न सब धूल में मिले।
प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना
तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तुने क्यूंँ न दिल मिला... तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तु...
व्यभिचारी भी क्या आखेटक नहीं? मासूम बच्ची को बना शिकार हवस का। व्यभिचारी भी क्या आखेटक नहीं? मासूम बच्ची को बना शिकार हवस का।
Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai
पड़ी रहती हूँ घरों में एक सजावट की वस्तु बनकर। पड़ी रहती हूँ घरों में एक सजावट की वस्तु बनकर।
हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था
कितने तो आँसू बहे होंगे इन आँखों से, घर ये खारे पानी का। कितने तो आँसू बहे होंगे इन आँखों से, घर ये खारे पानी का।
हे ब्रह्मदेव ! तुम नहीं जानते कितना कठिन होता है। हे ब्रह्मदेव ! तुम नहीं जानते कितना कठिन होता है।
बड़ा खामोश लम्हा है इन चुप्पियों के दौरान भी। बड़ा खामोश लम्हा है इन चुप्पियों के दौरान भी।
मुझे माफ़ करना पुष्प, मैं अपने दिल को समझा न पाया, तुम्हें तो पता ही होगा कि दिल के पास। मुझे माफ़ करना पुष्प, मैं अपने दिल को समझा न पाया, तुम्हें तो पता ही होगा कि द...
एक सवाल मेरा भी सुन लो मैं धरती की पुकार हूँ मैं जन्मी एक नन्ही सी जान इंसानियत पर। एक सवाल मेरा भी सुन लो मैं धरती की पुकार हूँ मैं जन्मी एक नन्ही सी जान ...
ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लिए कोई ऐसा नहीं दिखने... ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लि...
मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर जिसकी खाई रोटी उससे ... मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर ...
नादां नारी.. वो तुम्हें बड़े प्यार से छलेगा और तुम उसके छल को प्यार समझोगी.. नादां नारी.. वो तुम्हें बड़े प्यार से छलेगा और तुम उसके छल को प्यार समझोगी....
आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़ने का जुगत आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़न...
सड़क काली हो या भूरी जहां से भी निकलती है स्याह कर देती है। सड़क काली हो या भूरी जहां से भी निकलती है स्याह कर देती है।
द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण
दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है। दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है।