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Asha Gandhi

Drama

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Asha Gandhi

Drama

बादलों के उस पार

बादलों के उस पार

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सुना है - 

बादलों के उस पार इक जहाँ है 

केवल प्यार और अपनेपन वहाँ है 

ना कोई भूखा सोता है 

ना कोई मजबूर रोता है। 


चलो फिर-

इक हौसलों को सीढ़ी बनाते हैं,

उन गुथियों को मिल सुलझाते हैं,

ना भाग्य को अब दोष देते हैं 

ना भाग्यदाता को कोसते हैं। 


मैं चला हूँ - 

तुम भी मेरे पथगामी बन आओ 

नेक रास्ते के सहभागी हो आओ 

मंजिल नहीं दिखती पर रास्ता तो सामने है 

आँखें खोल, बुलन्दी का आसमाँ तो सामने है।


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