STORYMIRROR

बेज़ुबानशायर 143

Action Crime Fantasy

4  

बेज़ुबानशायर 143

Action Crime Fantasy

अंधविश्वास के खिलाफ

अंधविश्वास के खिलाफ

1 min
260


अंधकार में रहते हो तुम

अंधविश्वास के जाल में फंसे हुए

तुम्हारे मन में डर है अज्ञानता का

तुम्हारे दिमाग में शंका का साया है


क्यों मानते हो झूठे करिश्मे

क्यों मानते हो अंधविश्वास के नुस्खे

तुम्हारी बुद्धि को जागृत करो

तुम्हारे मन को निर्मल करो


विज्ञान की रोशनी में चलो

तर्क की राह में चलो

अंधविश्वास के खिलाफ बोलो

सत्य की राह में चलो


निर्भीकता से जीवन जीयो

स्वतंत्रता से सोचो

अंधविश्वास के जाल से मुक्ति पाओ

ज्ञान की रोशनी में जीयो


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action