STORYMIRROR

Sonam Kewat

Tragedy Action Fantasy

4  

Sonam Kewat

Tragedy Action Fantasy

अच्छा नहीं होता

अच्छा नहीं होता

1 min
277

आदत थी कि जो किस्मत में लिखा नहीं होता, 

उसे जिद करके छीन लिया करती थी

जो पाने का मन नहीं करता था 

उसे पाने के बाद भी छोड़ दिया करती थी 

पर अब धीरे-धीरे समझ में आ रहा है कि 

हर बार जिद अच्छी नहीं होती


मैं सिखातीं थी कि बड़े होने से फर्क नहीं पड़ता

लगता था कि जीने के लिए मासूमियत जरूरी है 

मैं अक्सर कहती थी कि बचपना नहीं हो तो 

समझ जाओ कि बुढ़ापे की उम्र भी अधूरी है

पर अब धीरे-धीरे समझ में आ रहा है कि 

बड़े होने के बाद बचपना अच्छा नहीं होता


मैं अकेले में खुद से बातें किया करती थी 

बातूनी तो इतनी ज्यादा थी कि पूछो मत 

बस खुद ही खुद को परेशान किया करती थी 

पर अब धीरे-धीरे समझ में आ रहा है कि 

कम बोलने की उम्र में ज्यादा बात करना अच्छा नहीं होता


अब धीरे-धीरे समझ में आ रहा है 

समझ आ रहा है कि 

लोगों को बिन मतलब परेशान करना अच्छा नहीं होता 

शांत मन को बेमतलब अशांत करना अच्छा नहीं होता 

यूं किसी ना किसी से मिलना जुलना अच्छा नहीं होता 

मिल जाए तो आदत का लत बनना अच्छा नहीं होता 

बस यूं समझो की जरूरत से ज्यादा और 

जरूरत से कम कुछ भी अच्छा नहीं होता



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy