आकर सूरत तूं दिखाजा
आकर सूरत तूं दिखाजा
मै हूं तेरा प्रेम दीवाना,
राधिका रानी तूं आजा,
तेरी मेरी प्रीत है पूरानी,
आकर सूरत तूं दिखाजा।
तूं न हो तो ये वृज मूझको,
पतझड़ जैसा लगता है,
तूं जब वृजमें आती हो तो,
बसंत प्रेम की महेंकती है।
बाट देखुं मै यमुना तट पर,
छूम छननन पायल तूं सूनाजा,
तेरी मेरी प्रीत है पूरानी,
आकर सूरत तूं दिखाजा।
तूं यमुना तट पे आ जाये तो,
शरद पूनम का रास मै रचाउं,
तुज संग रासमें नृत्य कर के,
मै धरती और अंबर गजाउं।
"मुरली" में मधुर तान छेड़त हूं,
प्रेम की धून तूं अब सूनजा,
तेरी मेरी प्रीत है पूरानी,
आकर सूरत तूं दिखाजा।

