बधाई
बधाई
खुशियों के हर पल में बधाई मिले,
हर दिल को मोहब्बत की शहनाई मिले।
मेहनत का फल जब भी मुक़द्दर बने,
हर क़दम पर जीत की रुसवाई मिले।
फूलों से महकता रहे ये जीवन सदा,
हर सुबह नई उम्मीदों की बधाई मिले।
रिश्तों में मिठास और अपनापन रहे,
हर दिल को रिश्तों की गहराई मिले।
ग़म के अँधेरों से निकलकर जो हँसे,
उसको नई रोशनी की बधाई मिले।
सपनों की मंज़िल जो हासिल हो कभी,
उसको कामयाबी की बधाई मिले।
‘मुरली’ दुआ करता है हर इंसान को,
हर साँस में खुशियों की अंगड़ाई मिले।
नफ़रत मिटे, हर ओर मोहब्बत ही रहे,
दुनिया को अमन की सदा बधाई मिले।
रचना:-धनजीभाई गढिया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)
