तेरी खामोशियाँ
तेरी खामोशियाँ
तेरी खामोशियाँ हमें रुला देती है
तेरा यूँ पास आना
फिर दूर जाना
हाय तेरी दूरी का एहसास
हाय इस दिल को जला देती हैl
यादें होती है तेरी गहरी
गहराई में उतरकर देखो
ना पाओगे वहाँ पे खुद को
तो रुह को छूकर देखो।
मेरी रुहसे लिपटी तुमको
जो चादर दिखाई देगी
तेरी इश्क के धागों की
उसमें बुनाई होगी।
शायद इसिलीये
तेरी खामोशियाँ
हमें रुला देती है।

