STORYMIRROR

Vishakha Gavhande

Romance

4  

Vishakha Gavhande

Romance

छतों पर बिताई जो#रातें याद

छतों पर बिताई जो#रातें याद

1 min
182

छतों पर बिताई जो रातें याद

तो होंगी

वो मीठी-मीठी बातें

चांद तारे भी साक्षी थे हम दोनों

के प्यार के!


चांदनी भी आती थी हौले से

हमदोनों के कानों में कुछ कह जाती

थी!

ठंडी-ठंडी हवाएं अपना मधुर संगीत

सुना जाती थी!


चांद जब मुस्कुराता था और

तारे टिमटिमाते थे

हमारी नजरें उन पर

चली जाती थी!

और हम फिर बातें करनें लग जाते थे!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance