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Vishakha Gavhande

Romance

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Vishakha Gavhande

Romance

प्यार मे मुझे कर्जदार रहने दो

प्यार मे मुझे कर्जदार रहने दो

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मुझ पर ये आपका प्यार

 यूं ही उधार रहने दो ।

 बड़ी हसीन है , ए कर्ज

 मुझे कर्जदार रहने दो ।।


गम में ,खुशी में मेरे लिए

आपके घर के और दिल के

दार सदा खुले रहने दो!! 


मौसम लाख बदलते रहे

यूं ही मुझे अपने प्रेम के

बंधन मे रहने दो !! 


महज एक रिश्ता नहीं है ये 

 बगिया है विश्वास की

 इसे गुलजार रहने दो!! 



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