Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
प्रिये तेरी खूबी
प्रिये तेरी खूबी
★★★★★

© नवल पाल प्रभाकर दिनकर

Drama Romance

1 Minutes   7.5K    7


Content Ranking

आंखों में नव-ज्योति प्रभा

होठों पर यामिनी छटा

तन मधु से ओत-प्रोत

मन में तेरे विलाषिता।


बालों में रात,

नैनों में भोर

तन पे उजाला छाया है

कंठ में साज

वाणी में राग,

रोओं में नृत्य आया है

अपने मीत से करके प्रित

लाई सावन की रौनकता

तन मधु से ओत-प्रोत

मन में तेरे विलाषिता।


टपके शराब

हर अंग-अंग से

होठ सुरा के प्याले हैं

बिना पिलाये

खुद नशा चढे़

ऐसे नैन मतवाले हैं

फिकी लगे प्रकृति देखो

ऐसी है मेरी प्रेमिका

तन मधु से ओत-प्रोत

मन में तेरे विलाषिता।


तन सुघड़

छोटे कर्ण

रंग हल्का गुलाबी है

होंठ लाल

मदमस्त चाल

नाक खड़ी गुलाबी गाल

भाल पर चमचमाती बिन्दी

सज कर आई प्रियतमा,

तन मधु से ओत-प्रोत

मन में तेरे विलाषिता।


Lover Beauty Life

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..