Nandita Srivastava

Classics


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Nandita Srivastava

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तनाव से भरा दिन

तनाव से भरा दिन

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और आप लोग कैसे है, आशा करती हूँ कि आप सब कुशल मंगल से होगें बहुत ही खलिश और तनाव भरा दिन बीत रहा है, हमारा तो मन ही नही कर है किसी से बात करूँ बस रोना और रोना ही चल रहा है।

मन करता कि कुछ खास दोस्तों से री बात करूँ सब टीक ठाक से बात कर ही लेते है ,बहुत अजीब लगता जो जानने वाले वह बात नही करते कहीं कोई मदत ना मांग ले कौन समझाये वेबकूफों को किजब विधाता संकट देता है तो वही निकालता है।

अब आज की घटना ही सुनिये एक महिला जिनसे हमारी मुलाकात टेलीफोनिक ही हुई है और बहुत परेशान ही जो हो सका मदत भी कि,हमको लगा चलो जरा हाल चाल ले लिया जाये तो वह पहले आँय बाय बोली फिर पहचानने से इंकार कर दिया।


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