Nandita Srivastava

Drama


2  

Nandita Srivastava

Drama


तुम तो समझो

तुम तो समझो

1 min 100 1 min 100

आप लोग टीक स्वस्थ और सुरक्षित होगें चलिये आज किसी भी नायिका की मनोदशा की बात करने की कोशिश करेगें हाँ चलिये आज हमारी नायिका जो बोलेगी और हम लोग चुपचाप सुनेंगे।

अरे हाँ हमने नाम तो बताया नही अरे वही यशी हाँ यशी तो चले कहानी की ओर सदाबहार तरीके से बोलना शुरू की मुँह में पेंसिल दबाकर अरे तुम भी नहीं समझते हो मेरे मन की बातों को कैसे नही समझते तुम को मालूम है ना कि जीवन का सारा दरमोदार तुम्हारे उपर ही है ना।

कि मेरे उपर तुम सोचो चंद साँसें ही बची है मेरी ,मुझको बस सूकून ही भाता मैं मुक्त होना चाहती हूँ जीना चाहती हूँ बारिशों में भीगना चाहती हूँ तुम्हारी बाइक में बैठकर दूर बहुत दूर जाना चाहती हूँ चाट पकौडी खाना चाहती हूँ। बारिश की बूंदों को अपने चेहरे पर छूना चाहती बस मैं जीना चाहती हूँ।


Rate this content
Log in

More hindi story from Nandita Srivastava

Similar hindi story from Drama