Nandita Srivastava

Inspirational


1  

Nandita Srivastava

Inspirational


जहाँ वहाँ राह

जहाँ वहाँ राह

1 min 106 1 min 106

कहते है ना कि जो सोच ले आदमी वही कर गुजरता है, वही सोच वही बात लेकर बात करते है, एक छोटी सी बेटी थी वह हर समय कुछ ना कुछ करती रहती थी, कभी पढ़ना कभी खेलना कभी कुछ गुनगुना माँ चौका बासन करके बेटी को पाल रही थी इस तरह की आम घटनायें आस पास देखते रहते होगें, पर कभी किसी को बीच में राह बदलते हारते देखा होगा, पर वह मेरी बेटी सरीखी रानी है वह ना रूकी ना हारी जी हाँ वह मेरी बेटी ही जो तमाम तकलीफों से घिरी हुई है, पर उसने हौसला नही छोड़ा आजकल एक लिपिक के पद पक बैंक में काम कर रही और सिविल तैयारी कर रही है। जी हाँ आज हमको खुशी है उसकी सफलता पर बहुत बहुत बधाई देती हूँ उन तमाम बेटियों को जो साहस से हर चुनौतियों का सामना करती है।

चलिये आज बस यही तक आप लोग स्वस्थ रहिये सुरछित रहिये।


Rate this content
Log in

More hindi story from Nandita Srivastava

Similar hindi story from Inspirational