सोच बदलो
सोच बदलो
एक दिन पति टूर से घर आता है तो पत्नी को घर पर न पा कर परेशान होता है उसको घर में एक चिट्ठी मिलती है की माँ बीमार है वहां जा रही हूँ ।तो वो भी अपने ससुराल पहुँच जाता है पर बीवी को वह भी ना पाकर दुखी होता है ।उसके मन में उल्टे सीधे विचार आते है की सुन्दर बीवी है लगता है उसको छोड़ कर भाग गयी है ।वह लौट कर घर आता है तो घर खुल्ला मिलता है वो बीवी पर बहुत चिल्लाता है की झूठ बोलकर कहाँ चली गयी थी ।इतने में अन्दर से उसकी माँ आती है और कान पकड़ कर बेटे को दो थप्पड़ लगाती है और कहती है नालायक तूने तो दो साल से मेरी खबर नहीं ली और मेरी बेटी जैसी बहू पर चिल्ला रहा है ।हर बहू ख़राब नहीं होती दोष बेटो का भी होता है ।
