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यकीन

यकीन

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आज मुझे अपनी मोहब्बत पर यकीन आ गया,

मोहताज से कैसे फिर मेहताब में आ गया !


थोड़ा इश्क़ मुझे, थोड़ा सा उसे भी हो गया,

और मेरा इज़्तेरार दिल बेकरार भी हो गया !!


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