यकीन
यकीन
आज मुझे अपनी मोहब्बत पर यकीन आ गया,
मोहताज से कैसे फिर मेहताब में आ गया !
थोड़ा इश्क़ मुझे, थोड़ा सा उसे भी हो गया,
और मेरा इज़्तेरार दिल बेकरार भी हो गया !!
आज मुझे अपनी मोहब्बत पर यकीन आ गया,
मोहताज से कैसे फिर मेहताब में आ गया !
थोड़ा इश्क़ मुझे, थोड़ा सा उसे भी हो गया,
और मेरा इज़्तेरार दिल बेकरार भी हो गया !!