ये महकती खुशबू
ये महकती खुशबू
समा बना है देखो ये मस्त सुहाना,
पक्षी गा रहे है मधुर मीठा तराना,
उद्यानमें खीले हुए फूलो की खुश्बू से,
मेरा मन बना है, तेरी यादमें दीवाना।
सून रहा हूं भँवरो का मधुर गुन गुनाना,
कहां हो सनम मुझे इन्तज़ार न कराना,
सावन की घटा मैंने सजाई हे फूलों से,
तेरे मिलन के लिये तू, मुझे न तड़पाना।
ये महकती खुशबू से मैं बना हूं मस्ताना,
चाहता हूं मैं तेरी जुल्फों में फूल लगाना,
मदहोश बनूंगा मैं इस फूलो की महक से,
आजा न करना तू, अब कोई भी बहाना।
महकते फूलों की तरह तू जरूर मुस्काना,
ये महकती खुशबू के संग तेरे हुस्न में डुबाना,
"मुरली" धून सुनाऊंगा मैं इश्क की सरगम से,
तेरे महकते यौवन में तू, मुझे बांहों में समाना।

