ये है पोटली
ये है पोटली
हमने हर वक्त खुद को मनाया
अपनों के लिए अपनी खुशी को दबाया,
मतलबी इस दुनिया में बड़ा मुश्किल है संभालना
पत्थरों से भी भारी रिश्तों की ये पोटली।
इतनी बारीकी से हमने रिश्तों को है परख लिया
कि सांपों का हर नस्ल बता दें ये हुनर भी आ गया,
पर थक गये है, हमसे और उठ न पायेगा
पत्थरों से भी भारी रिश्तों की ये पोटली।
