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Supriya Devkar

Drama

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Supriya Devkar

Drama

नजरे खोजती है

नजरे खोजती है

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नजरे खोजती है

 चेहरा यू तुम्हारा 

क्यूं बात करे हम


 क्या रिश्ता है हमारा 

क्या तुम जानते हो 

हमें पेहचानते हो 

एक बार की बातसे

क्या रिश्ता हुआ हमारा 


कितने अनजान 

मिलते है हमे राहपे 

पर क्यूं याद आ रहा है 

बस चेहरा तेरा 


शायद कुछ राज हो

 इसमे भी गहरा 

या हो कुछ इशारा तेरा। 


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