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AVINASH KUMAR

Tragedy

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AVINASH KUMAR

Tragedy

ये दिसम्बर का महीना

ये दिसम्बर का महीना

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ये दिसम्बर का महीना

और वो नवम्बर की रातें

याद हरदम आती मुझको

तेरी हर वो कही बातें


न जानें कैसे तुझसे

जुड़ गये ये नाते

जो मुझको रात दिन रहते तड़पाते

न दिन का मुझे पता न गुजरे मेरी रातें

दें गये तुम न भूलनें वाली यादें


जीना न चाहा पर पड़ रहा जीना ऐसे

पपीहा व्याकुल हो स्वाती बूँद के लिए जैसे

जतन कोई बता दो तुम मिलोगे कैसे

या मेरे प्राण निकलेंगे तेरी विरह में वैसे


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