वो चाँद कह के गया
वो चाँद कह के गया
कल सारी रात जो आसमान में रह के गया।
तुमने सुना क्या, कुछ वो चाँद कह के गया।
मेरे तुम्हारे प्यार का गवाह वो हमेशा से रहा।
वो चुप रह सुनता रहा जो हम दोनों ने कहा।
चाँद कह रहा था, दुनिया को सब बताऊंगा।
तुम्हारे प्यार की बात बताकर तुम्हें सताऊंगा।
अब हम क्या करें, चाँद किसी से कुछ न कहे।
हमारे प्यार की बात न बोले, वो तो चुप ही रहे।
चाँद को चाँदनी के प्यार का वास्ता देना पड़ेगा।
तभी वो कुछ न कहेगा और न ज़िद पर अड़ेगा।
एक प्रेमी ही दूसरे प्रेमियों का दर्द समझता होगा।
हम भी वही भोग रहे हैं, जो उस ने हमेशा भोगा।
प्यार की ख़ुमारी और जुदाई का दर्द चाँद भी जाने।
हमेशा चाँदनी के संग रहे, एक रात जुदाई भी माने।
हमने चाँद को इन बातों की दुहाई देकर समझाया।
फिर वो कुछ न कहने की बात को अमल में लाया।

