STORYMIRROR

karan ahirwar

Drama Tragedy Thriller

4  

karan ahirwar

Drama Tragedy Thriller

विश्वासघाती

विश्वासघाती

1 min
238

खड़ा हुआ भरोसे की 

वो आएगा और कर देगा परिपूर्ण 

लेकिन घात लगाये बैठा वो विश्वासी 

कहलाया विश्वासघाती


खंजर भोंका पीठ पर 

चिल्लाया तिलमिलाया और फिर 

असमंजस में पड़ा वो 

जाने कौन ये विश्वासघाती जो 

भौंके खंजर पीठ में 


जब देखा उसका चेहरा 

ना विश्वास खुद की आँखों पर 

था वही शख्स जिसके भरोसे 

छोड़े जीवन अपना 

और उसी ने हरने चाहे प्राण मेरे 


अब ना करूंगा ऐतबार ये खुद से वादा उसका 

कर लेता ऐतवार किसी पालतू का गर 

तो गैर से बने अपने का 

खंजर ना होता सीने में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama