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karan ahirwar

Drama Tragedy Thriller

4  

karan ahirwar

Drama Tragedy Thriller

विश्वासघाती

विश्वासघाती

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खड़ा हुआ भरोसे की 

वो आएगा और कर देगा परिपूर्ण 

लेकिन घात लगाये बैठा वो विश्वासी 

कहलाया विश्वासघाती


खंजर भोंका पीठ पर 

चिल्लाया तिलमिलाया और फिर 

असमंजस में पड़ा वो 

जाने कौन ये विश्वासघाती जो 

भौंके खंजर पीठ में 


जब देखा उसका चेहरा 

ना विश्वास खुद की आँखों पर 

था वही शख्स जिसके भरोसे 

छोड़े जीवन अपना 

और उसी ने हरने चाहे प्राण मेरे 


अब ना करूंगा ऐतबार ये खुद से वादा उसका 

कर लेता ऐतवार किसी पालतू का गर 

तो गैर से बने अपने का 

खंजर ना होता सीने में।


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