STORYMIRROR

karan ahirwar

Inspirational

3  

karan ahirwar

Inspirational

मेरी मां

मेरी मां

1 min
235

आज मेरी मां की आंखो में आंसू है

मैं खामोश हूं और लाचारी मेरा हथियार है।


उनको चाहिए बस मेरा साथ और थोड़ी शांति

लेकिन उनको छोड़ खुद में मजे करना मेरी आदत थी।


अब समझ चुका हूं अपनी जिम्मेदारियों को

इसीलिए छोड़ रहा अपनी आदत बहुत सारियो को।


देखना मां ये बेटा बड़ा काम करके दिखायेगा

अपनी मां को बुलंदियों पर बिठा कर दिखायेगा।


जाना था जिसको वक्त बेकार आने वाला समय शानदार मां

इस बार करके दिखाऊंगा ना करूंगा सिर्फ बातें असरदार मां।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational