STORYMIRROR

Madhu Gupta "अपराजिता"

Classics

4  

Madhu Gupta "अपराजिता"

Classics

विघ्न विनाशक गणेश हो तुम

विघ्न विनाशक गणेश हो तुम

1 min
315

मंगलकारी देव हो तुम

विघ्न विनाशक गणेश हो तुम, 

हर घर में प्रथम पूज्य हो तुम

संकट सबके हरने वाल ऐसे

प्रिय गणेश हो तुम।


 मां गौरी और पिता भोले के

सबसे प्रिय पुत्र हो तुम

स्नेहा माँ से अपार करते हो तुम

सर्वोपरि होते है माता-पिता


यह दुनिया को देते संदेश हो तुम

अद्भुत रूप तुम्हारा है

इसीलिए गणेश हो तुम।


 जन-जन के भी प्यार हो तुम

 रिद्धि सिद्धि के भंडार हो तुम

 जो भी तुमको सच्चे मन से धाता

 उसके सारे कष्ट मिटाते हो तुम।


विघ्न विनाशक गणेश हो तुम..!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics