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Vrajlal Sapovadia

Comedy Tragedy Children

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Vrajlal Sapovadia

Comedy Tragedy Children

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी

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सबसे लोकप्रिय विश्वविद्यालय

तेजी से बढ़ते ढेर बिन महालय


न मैदान, न कचहरी, न कर्मचारी 

अनगनित प्राध्यापक सदाचारी 


न वेतन, नहीं समय का बंधन 

न फीस, न अनुदान, दे धना धन 


न प्रतिस्पर्धा तो क्या जरूरी विज्ञापन?

इमारत प्रयोगशाला का नहीं ज्ञापन  


नहीं जरुरी तथ्य, सत्य या सातत्य 

ज्यादा आगे धकेलने से ही बनता सत्य 


पढ़ने वाला मानता रहे इसे साहित्य 

भरपूर होता भले इसमें असत्य 


न सोच की ऊंचाई, न गहराई 

डालते रहते अपनी जहरीली राइ 


मानते रहते इसे ज्ञान की जनेता 

पढ़कर एक दिन बनेगा बड़ा नेता 


न जरुरी बताना स्त्रोत या सन्दर्भ 

आमने सामने दोनों है गर्दभ


कानून भी तुम यहाँ ही पढ़ो 

वकील या न्यायाधीश बन के आगे बढ़ो 


राजनीति और अर्थशास्त्र भी यहाँ 

लोग बिचारे तुम बिन जायेंगे कहाँ


एक घंटे में बन जाओगे तुम स्नातक 

और एक दिन में सब अनुस्नातक 


निति अनीति जैसी होती नहीं कोई चीज 

न्याय प्रेम भाईचारा सब होता नाचीज 


अनुसंधान में तो तुम पहले से माहिर 

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की बात ये जाहिर 



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