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Vrajlal Sapovadia

Abstract Comedy Drama

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Vrajlal Sapovadia

Abstract Comedy Drama

विकास

विकास

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भले बस्ती में छिपी बेकारों की फौज 

छिपा दो कागज़ के पीछे फिर करो मोज़ 


दिखा दो हमें कहाँ है यंहा कोई बेकार 

वैसे थोड़ी हम चला रहे है ये सरकार 


नहीं हमें किसी को काम मिले इस की दरकार 

अफसर हमारे कारोबार दिखाने में असरकार 


दिखा दो हमें केवल एक दो बेकार 

फुरसत नहीं काम की पीता है ये चिक्कार 


बहुत पढ़ा लिखा है थोड़ा करेगा मजदूरी 

कारोबार करेंगा बड़ा ये रखो उनसे थोड़ी दूरी 


भले बस्ती में छिपी बेकारों की फौज 

दिखाने के लिए भरा है बड़ा डेटा का हमारा हौज़।


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