Shailaja Pathak
Fantasy
धरती है ऊपर, आकाश जमी पे,
बादलो में उड़ रही हूं मैं,
बिजली की पहन साड़ी, सितारे जड़ी,
चंद्रमा को बना चुड़ामणि
उड़ रही हूँ मैं,
उड़ रही हूँ मैं।
रामायण में मह...
मै नदी हूं
बोलो ना
अंगूठी
मेरा चांद
रेल की पटरी
कृति
मैं और तुम
अंगारे
यादें
मां बेशक वक्त बदल रहा है पर तुम बिल्कुल न बदलना, मां तुम अब भी मां बेशक वक्त बदल रहा है पर तुम बिल्कुल न बदलना, मां तुम अब भी
आप क्या कर रहे हैं आज जब इनके कर्ज चुकाने की बारी आई आप क्या कर रहे हैं आज जब इनके कर्ज चुकाने की बारी आई
तुमसे मेरी जिंदगी खुशनुमा हुई, तुमसे मेरी रूह खुशी से भर गई। तुमसे मेरी जिंदगी खुशनुमा हुई, तुमसे मेरी रूह खुशी से भर गई।
कभी उम्मीदों का पहाड़ खड़ा करता, तो कभी भय की अधिकता का तूफान ला देता मन कभी उम्मीदों का पहाड़ खड़ा करता, तो कभी भय की अधिकता का तूफान ला देता मन
घट रही है इनकी संख्या धीरे-धीरे विलुप्त यहाँ से हो रहे घट रही है इनकी संख्या धीरे-धीरे विलुप्त यहाँ से हो रहे
आंखों में आंखें डाले हम बस घंटों बातें करते थे l आंखों में आंखें डाले हम बस घंटों बातें करते थे l
वडनगर के नेता तूने कर दिया कमाल अयोध्या में ही नहीं राम मंदिर तुमने बनवाया वडनगर के नेता तूने कर दिया कमाल अयोध्या में ही नहीं राम मंदिर तुमने बनवाया
हमारे बीच में बन गया था आठवां समंदर जिसकी खबर अभी तक जमाने को नहीं थी हमारे बीच में बन गया था आठवां समंदर जिसकी खबर अभी तक जमाने को नहीं थी
कभी मां के हाथ के परांठे देख जीभ... हमारी ललचाती है कभी मां के हाथ के परांठे देख जीभ... हमारी ललचाती है
तू मेरे पास हैं, मैं तेरे पास हूँ, अजनबी पहचाना सा है तू,। तू मेरे पास हैं, मैं तेरे पास हूँ, अजनबी पहचाना सा है तू,।
बारिश के पानी में कागज की कश्ती तैरा आना वो किताबों की दुनिया वो परीक्षा की घड़ियाँ बारिश के पानी में कागज की कश्ती तैरा आना वो किताबों की दुनिया वो परीक्षा की ...
अपशब्द कहने से एतराज बहुत था दुश्मनी का भी दायरा होता था अपशब्द कहने से एतराज बहुत था दुश्मनी का भी दायरा होता था
इसे लागू करना थोड़ा मुश्किल था वादों को पूरा करना और भी मुश्किल लग रहा था। इसे लागू करना थोड़ा मुश्किल था वादों को पूरा करना और भी मुश्किल लग रहा था।
पहला प्यार नहीं ये है केवल, जन्मों का है पवित्र निश्छल प्रेम का बंधन। पहला प्यार नहीं ये है केवल, जन्मों का है पवित्र निश्छल प्रेम का बंधन।
जब मौन हो जाती जुबान, अपनी भावनाओं को कुछ अनकहे शब्दों को रखना जब मौन हो जाती जुबान, अपनी भावनाओं को कुछ अनकहे शब्दों को रखना
प्रसिद्ध मुग़ल चित्रकार था और पशुओं का चित्र बनाने में माहिर कुशल चित्रकार था। प्रसिद्ध मुग़ल चित्रकार था और पशुओं का चित्र बनाने में माहिर कुशल चित्रकार था...
विधाता की रचना जो, नारी का अभिमान हूँ उम्मीदों का पहाड़ हूँ, आशा की मीनार हूँ, विधाता की रचना जो, नारी का अभिमान हूँ उम्मीदों का पहाड़ हूँ, आशा की मीनार हूँ,
तुमसे सुकून से जिया ना जाता हो, तो इश्क़ कर लेना। तुमसे सुकून से जिया ना जाता हो, तो इश्क़ कर लेना।
जीवन अपना सँवर ले हौसले जिनके मजबूत उनके साकार होते सपने जीवन अपना सँवर ले हौसले जिनके मजबूत उनके साकार होते सपने
सहसा व्हाट्सएप पर एक स्टेटस देख मेरे दिल ने धड़कनों को कुछ देर के लिए थामा था...! सहसा व्हाट्सएप पर एक स्टेटस देख मेरे दिल ने धड़कनों को कुछ देर के लिए थामा था...!