Shailaja Pathak
Fantasy
धरती है ऊपर, आकाश जमी पे,
बादलो में उड़ रही हूं मैं,
बिजली की पहन साड़ी, सितारे जड़ी,
चंद्रमा को बना चुड़ामणि
उड़ रही हूँ मैं,
उड़ रही हूँ मैं।
रामायण में मह...
मै नदी हूं
बोलो ना
अंगूठी
मेरा चांद
रेल की पटरी
कृति
मैं और तुम
अंगारे
यादें
एक ने कई देवताओं का संग कर अपने पति का वंश बढ़ाया। एक ने कई देवताओं का संग कर अपने पति का वंश बढ़ाया।
मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा। कभी तुम्हे अकेला महसूस न होने दूंगा। मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा। कभी तुम्हे अकेला महसूस न होने दूंगा।
दुआ करें कि सबका सपना पूरा हो। हमारा यही अब नेक विचार होना चाहिए।। दुआ करें कि सबका सपना पूरा हो। हमारा यही अब नेक विचार होना चाहिए।।
इस चित्र की भले कोई विज्ञानकथा फिर भी उसमें एहसासों की मारामार देखी। इस चित्र की भले कोई विज्ञानकथा फिर भी उसमें एहसासों की मारामार देखी।
तन्हाई अब फासलों की "हार्दिक", उनकी उन्हें पूछों वे कहा खो गये !! तन्हाई अब फासलों की "हार्दिक", उनकी उन्हें पूछों वे कहा खो गये !!
एक मैं हूं जो बस प्रेमियों को ही निहारने के काम आते हैं। एक मैं हूं जो बस प्रेमियों को ही निहारने के काम आते हैं।
मैं प्रेम दीवानी, सुध-बुध हारी, एक दरस की प्यासी हूँ। मैं प्रेम दीवानी, सुध-बुध हारी, एक दरस की प्यासी हूँ।
समझ न पाया कोई भी है रहस्य क्या ढाई अक्षर में। समझ न पाया कोई भी है रहस्य क्या ढाई अक्षर में।
इंसान बदल रहा है आविष्कार हो रहे हैं नित, कुछ भी असंभव नहीं है इंसान बदल रहा है आविष्कार हो रहे हैं नित, कुछ भी असंभव नहीं है
और वे भी लिखेंगे कविताएँ युग कोई भी हो कवितायें जिन्दा रहेंगी।। और वे भी लिखेंगे कविताएँ युग कोई भी हो कवितायें जिन्दा रहेंगी।।
ये सब मेरी कल्पनाएं, शायद एक दिन, सच्चाई में बदल जाएं। ये सब मेरी कल्पनाएं, शायद एक दिन, सच्चाई में बदल जाएं।
मुझे अपने संग संग कहीं दूर लिए चली जाती हो। मुझे अपने संग संग कहीं दूर लिए चली जाती हो।
मन से हँसो 'सपना', रहे न दिखावे का अहम।। मन से हँसो 'सपना', रहे न दिखावे का अहम।।
हर घड़ी आपका, अनजाना जो, रिश्ता था हमारा, वो कब बन गया, सयाना। हर घड़ी आपका, अनजाना जो, रिश्ता था हमारा, वो कब बन गया, सयाना।
यही मेरी पहली और अंतिम ख्वाहिश है। यही मेरी पहली और अंतिम ख्वाहिश है।
सबका सपना आकार लेगा कुछ देर ठहर के देखो। सबका सपना आकार लेगा कुछ देर ठहर के देखो।
सावन पावन लगता ऐसे जैसे फसलें हैं लहराये। सावन पावन लगता ऐसे जैसे फसलें हैं लहराये।
साथ रहना हर पल सपना है अब बस यही माथे की बिंदी चमकती रहे। साथ रहना हर पल सपना है अब बस यही माथे की बिंदी चमकती रहे।
दो चार बचेंगे मुश्किल से दोस्ती यारी सब कहाँ जायेगी। दो चार बचेंगे मुश्किल से दोस्ती यारी सब कहाँ जायेगी।
मुझको हर बात कविता में जंचे मुझसे उस पर भी कविता लिखवायें। मुझको हर बात कविता में जंचे मुझसे उस पर भी कविता लिखवायें।