Shailaja Pathak
Fantasy
धरती है ऊपर, आकाश जमी पे,
बादलो में उड़ रही हूं मैं,
बिजली की पहन साड़ी, सितारे जड़ी,
चंद्रमा को बना चुड़ामणि
उड़ रही हूँ मैं,
उड़ रही हूँ मैं।
रामायण में मह...
मै नदी हूं
बोलो ना
अंगूठी
मेरा चांद
रेल की पटरी
कृति
मैं और तुम
अंगारे
यादें
खड़ी थी बहुत बड़ी उड़न तश्तरी वहाँ, चौंक गई देख उसे मैं। खड़ी थी बहुत बड़ी उड़न तश्तरी वहाँ, चौंक गई देख उसे मैं।
जो अपनी बंदिशों में बंधे साथ बहते तो है मगर मिल नहीं सकते जो अपनी बंदिशों में बंधे साथ बहते तो है मगर मिल नहीं सकते
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
तोरे बापू कुछ ना कहते, तेरे आहट को तकते रहते माँ भी तेरी चल ना सकती, पर तुलसी की फेरे तोरे बापू कुछ ना कहते, तेरे आहट को तकते रहते माँ भी तेरी चल ना सकती, पर तुलसी...
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई, अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई,
अपने क़दमों को उठाये, मैं दर- दर घूमती-फिरती हूँ अपने क़दमों को उठाये, मैं दर- दर घूमती-फिरती हूँ
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
पैरों में आई थकान , रात-भर अपनों संग नाच के बुलाई थी। पैरों में आई थकान , रात-भर अपनों संग नाच के बुलाई थी।
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं। सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं।
मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहाँ हुआ...! मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहा...
सब कहते हैं समय खराब हो तो सीख देता है, समय अच्छा हो तो आनन्द देता है सब कहते हैं समय खराब हो तो सीख देता है, समय अच्छा हो तो आनन्द देता है
सर्दियों में ये जम जाता है, गर्मी में ये बड़ा तपता है.. सर्दियों में ये जम जाता है, गर्मी में ये बड़ा तपता है..
तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
छोड़ कागज क़लम और दुनियाँ को देख जाने कब तू भी तारीख बन जायेगा छोड़ कागज क़लम और दुनियाँ को देख जाने कब तू भी तारीख बन जायेगा
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या मैं थक गई पूरी ज़िदग... मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या ...
यमराज मेरी बात सुनकर अपना सिर खुजाने लगा, यमराज मेरी बात सुनकर अपना सिर खुजाने लगा,