STORYMIRROR

Shailaja Pathak

Fantasy

3  

Shailaja Pathak

Fantasy

उड़ रही हु मै

उड़ रही हु मै

1 min
12.2K

धरती है ऊपर, आकाश जमी पे,

बादलो में उड़ रही हूं मैं,


बिजली की पहन साड़ी, सितारे जड़ी,

चंद्रमा को बना चुड़ामणि


उड़ रही हूँ मैं,

उड़ रही हूँ मैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy