STORYMIRROR

Karuna Gudheniya ( kukku ❤️😊)

Romance

4  

Karuna Gudheniya ( kukku ❤️😊)

Romance

तुम्हें हक है

तुम्हें हक है

1 min
402

तुम्हें हक है मेरी रूह से जुड़ जाने का ,

तुम्हें हक है मुझे अपने दिल के राज बताने का ।

तुम्हें हक है मुझे अपनी नाराज़गी जताने का,

तुम्हें हक है मेरी उदासी की वजह जानने का ।

तुम्हें हक है मेरी मुस्कान की वजह बन जाने का ,

तुम्हें हक है पूरी दुनिया के सामने गले लगाने का

प्यार के इस रिश्ते में तुम्हें हक है मुझे अपना सबकुछ मानने का ,

तुम्हें हक है मुझे अपनी सांसों से भी जरूरी समझने का ।

तुम्हें हक है मुझ पर अपना हक जताने का ,

तुम्हें हक है मेरे हक के लिए सबसे लड़ जाने का ।

बस तुम्हें ही हक है मेरी सांसों से जुड़कर मुझे मुझसे ज्यादा समझने का ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance