STORYMIRROR

अमित प्रेमशंकर

Tragedy Inspirational

4  

अमित प्रेमशंकर

Tragedy Inspirational

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

1 min
386

दस रुपये के दस दिये बेचने वालों के साथ

मोल भाव करने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

गुब्बारों के साथ हवा खरीद लेने वाले।।


मिट्टी के ही तो दिये है, सोना थोड़े ही है

ये ना खरीदने की धमकी देने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

पटाखों के साथ धुआं खरीद लेने वाले।।


चल,पांच रुपये के दस दे दे अकड़कर 

किसी गरीब को लाचार करने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

ख़ुशी के साथ बद्दुआ खरीद लेने वाले।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy