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अमित प्रेमशंकर

Tragedy Inspirational

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अमित प्रेमशंकर

Tragedy Inspirational

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

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दस रुपये के दस दिये बेचने वालों के साथ

मोल भाव करने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

गुब्बारों के साथ हवा खरीद लेने वाले।।


मिट्टी के ही तो दिये है, सोना थोड़े ही है

ये ना खरीदने की धमकी देने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

पटाखों के साथ धुआं खरीद लेने वाले।।


चल,पांच रुपये के दस दे दे अकड़कर 

किसी गरीब को लाचार करने वाले

तुम्हें दिवाली मुबारक हो

ख़ुशी के साथ बद्दुआ खरीद लेने वाले।


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