STORYMIRROR

अमित प्रेमशंकर

Action Inspirational Others

4  

अमित प्रेमशंकर

Action Inspirational Others

कोई जा के ला दो मेरी सिया

कोई जा के ला दो मेरी सिया

1 min
19

 कोई जा के ला दो मेरी सिया



रो रो के बेसुध हुआ ये जिया 

कोई जा के ला दो मेरी सिया ।।



प्राणों से प्यारी, सिया सुकुमारी 

खोजत ढूंढत अंखियन भी हारी

हाय रे विधाता तू ये क्या किया 

कोई जा के ला दो मेरी सिया ।।



हे वन के देवों, कोई तो बता दो 

कहांँ है प्रिया मेरी कोई पता दो

हे वन के प्राणी क्या देखी सिया 

कोई जा के ला दो मेरी सिया ।।



सीते,सीते रटत कंठ सूखे 

भटके लखन संग प्यासे भूखे 

देह है राम तो प्राण सिया 

कोई जा के ला दो मेरी सिया ।।



कवि - अमित प्रेमशंकर 





विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action