तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
दिल्लगी को,
दिल से भूल जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
पहले भी मैं तन्हा था,
तन्हा ही रह जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
बंद कर लूँगा दिल कि दरवाजे,
और ये प्यार कि खिड़कियाँ
ये प्यार कि आवाज किसी को भी ना दूँगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
प्यार कि आसमान से उतर कर,
जिंदगी की सतह पे बिखर जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
जिस सफर में साथ चला था,
उस सफर में अब मैं,
तन्हा ही रह जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
आँखों की नमी को होठों कि मुस्कान से छुपा कर,
सदा ही अपने होठों पे मुस्कान रखूंगा
लेकिन किसी और के लिए,
ये आँसू फिर से ना बहाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
गम, तन्हाई और रुसवाई को
साथी बना लूँगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
जो तेरे संग प्यार से बिताए थे वो हर एक लम्हा,
थम के हर एक लम्हा का,
हर एक सांस गिन-गिन के लिखूंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
इस ज़ालिम दुनियाँ में,
बेमतलब का मतलब ना है रखना किसी से अब
यही राज़-ए-मुहब्बत दिल को समझाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
जो तुम संग करता था शरारत,
वो शरारत ना करूँगा किसी और के साथ,
तुम्हारे जाने के बाद।
मेरे जिस गुस्ताखियाँ पे तू मुस्कुरा देती थी ना,
वो गुस्ताखियाँ भी नही करूँगा किसी और के साथ,
तुम्हारे जाने के बाद।
सुना था कि सत्य परेशान होता है,
पराजित नही, तो फिर क्यों ?
ये सच्चा इश्क़ परेशान भी हुआ और पराजित भी !
मुझे नटखट, नौटंकी समझने वाले,
ऐसा "नटखट, नौटंकी" किसी को भी ना लगूँगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
तेरे इश्क़ में डूब कर,
खुद को ही भूल जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
इश्क़ के अश्क़ को
हँस-हँस के पीते हुए सह जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।
मुझे याद ना करना कभी,
ग़र मेरी याद तेरी मुस्कुराहट को मुरझा दे तो
चाहें मिले सुकून या मिले ग़म,
मग़र मैं तुझे ही याद करके
इस जहाँ में रह जाऊंगा,
तुम्हारे जाने के बाद।।

