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Rajit ram Ranjan

Romance


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Rajit ram Ranjan

Romance


तुम याद आ गए !

तुम याद आ गए !

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मैं कोई धुन गुनगुना रहा था

की तुम याद आ गए!

मैं ये शहर छोड़ के जा रहा था 

की तुम याद आ गए!


मैं तुम्हें भुला रहा था

की तुम याद आ गए!

कल मेरा एक दोस्त,

तकिया सीने से लगा रहा था

की तुम याद आ गए !


रंजन तुम्हारा शहर जिधर है,

उसी तरफ

एक रेल जा रहा था

की तुम याद आ गए !

कल मैं ईद का चाँद देख रहा था

की तुम याद आ गए !


कल सुबह भौरा फूल पे

मंडरा रहा था

की तुम याद आ गए !

बादल ज़ब रिमझिम-रिमझिम

पानी की फुहार गिरा रहा था

की तुम याद आ गए !



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