टूटे रिश्ते छूटे रिश्ते
टूटे रिश्ते छूटे रिश्ते
जिंदगी की कशमकश में
ना जाने कितने आए और चले गए
कितने सारे टूटें रिश्ते, छूटे रिश्ते
कभी अपनी कमी थी कभी उनकी,
हम झुक ना सके ,वो रुक न सके ,
बेकार दंभ की इस खींचा तानी में,
कई अनमोल टूटे रिश्ते, छूटे रिश्ते ,
अब भी तो गहराई समझ नही पाते ,
रिश्तों की तन्हाई में याद आती है,
फिर भी ना हम आगे बढ़े ना वो ,
ना जाने कितने टूटें रिश्ते, छूटे रिश्ते।
